Saturday, September 26, 2015
Monday, March 23, 2015
Kabir
कबीरदास
कबीर गुरू को ही अत्यंत महत्व दिया है। क्योंकि
गुरू ही हमारा मार्गदर्शन करेगा।
जैसे ----
“गुरू कुम्हार सिष कुम्भ है, गढ़ गढ़ काढ़ै खोट।
अंतर हाथ सहार दै, बाहर बाहै चोट”।।
“माया दीपक नर पतंग, भ्रमि-भ्रमि इवै पडंत।
कहै कबीर गुरू ग्यान थैं, एक आध उभरंत”।।
Wednesday, December 31, 2014
UGC-NET-HINDI-28/12/2014 EXAM KEY
http://www.vision4all.net/146879562
UGC-NET-December 2014 (HINDI II&III) Exam Key
Paper II
1. A 2. B 3. D 4. C 5. D 6. C 7. C 8. B 9. D 10. A
11. A 12. D 13. C 14. B 15. A 16. ** 17. D 18. C 19. D 20. A
21. ** 22. C 23. C 24. A 25. B 26. D 27. ** 28. A 29. B 30. A
31. B 32. C 33. D 34. A 35. B 36. D 37. C 38. B 39. D 40. A
41. ** 42. ** 43. ** 44. ** 45. ** 46. ** 47. ** 48. ** 49. ** 50. **
Paper III
1. A 2. A 3. B 4. ** 5. A 6. ** 7. C 8. ** 9. D 10. C
11. D 12. ** 13. ** 14. A 15. A 16. D 17. A 18. C 19. C 20. D
21. B 22. B 23. D 24. C 25. A 26. A 27. C 28. A 29. A 30. C
31. C 32. B 33. D 34. A 35. A 36. A 37. D 38. B 39. D 40. A
41. ** 42. C 43. A 44. ** 45. B 46. D 47. A 48. C 49. B 50. D
51. A 52. All 53. B 54. All 55. C 56 ** to 65** 66. A 67. B 68.D
69. ** 70. B 71. A 72. C 73. D 74. A 75. C
Monday, December 15, 2014
HINDI LITERATURE: काव्य में शब्द–शक्तियों का प्रयोग
HINDI LITERATURE: काव्य में शब्द–शक्तियों का प्रयोग: NET,SLET,JRF & M.A Syllabus : काव्य में शब्द–शक्तियों का प्रयोग शब्द का अर्थ बोध कराने वाली शक्ति ही ‘ शब्दशक्ति ’ है। वह एक...
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